1955 में लगाया गया एक पौधा जो अब मजबूत दरख्त बन चुका है। इसके साए में हजारों परिवार अपनी जरूरतों को पूरा कर रहे है।
गुरबत और अशिक्षा के अंधेरों को दूर कर रहा अंजुमन बैतुलमाल
1955 में लगाया गया एक पौधा जो अब मजबूत दरख्त बन चुका है। इसके साए में हजारों परिवार अपनी जरूरतों को पूरा कर रहे है।
पुरखुलूस खिदमत का जज्बा लिए रानीपुरा अंजुमन बैतुलमाल पूरा साल खिदमत के कामों में मशरूफ रहता है। नागहानी मुसीबतों के साथ ही रमजान के महीने में इसकी दौड़ धूप और बढ़ जाती है। बेसहारा और गरीब परिवारों तलाश कर उन तक मदद पहुंचाई जाती है। शहर भर में फैले बैतुलमाल के कारकुन इस काम को बिना किसी दिखावे के अंजाम देते है।
1955 में लगाया गया एक पौधा जो अब मजबूत दरख्त बन चुका है। इसके साए में हजारों परिवार अपनी जरूरतों को पूरा कर रहे है। पुरखुलूस खिदमत का जज्बा लिए रानीपुरा अंजुमन बैतुलमाल पूरा साल खिदमत के कामों में मशरूफ रहता है। नागहानी मुसीबतों के साथ ही रमजान के महीने में इसकी दौड़ धूप और बढ़ जाती है। बेसहारा और गरीब परिवारों तलाश कर उन तक मदद पहुंचाई जाती है। शहर भर में फैले बैतुलमाल के कारकुन इस काम को बिना किसी दिखावे के अंजाम देते है। जरूरतमंद लोगों की मदद के साथ ही अब तालीम के क्षेत्र में भी अंजुमन लोगों की भरपूर मदद कर रहा है। शुरूआत में बैतुलमाल का दायरा सीमित था और इसका काम भी कम था। शहर के फैलाव के साथ जिम्मेदारियां भी बड़ी और मेहनत भी । बैतुलमाल ने कभी खुद को कमजोर नहीं होने दिया। 2020 में कोरोना जैसी बड़ी आपदा के दौरान भी अंजुमन ने समाज के जरूरतमंद तबके को मायूस नहीं होने दिया। इस दौरान हजारों की तादाद में राशन के पैकेट उनके घरों तक पहुंचाए। शहर में बाढ़ जैसी अपदा हो या किसी परिवार के साथ कोई हादसा हर हालत के अंजुमन मदद को तैयार रहता है। रमजान के महीने में रोजेदारों के लिए पूरे माह का राशन उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए घर-घर जाकर मदद पहुंचाई जाती है। एक आंकड़े के मुताबिक अंजुमन सालाना सत्तर हजार लोगों को राशन किट उपलब्ध करा रहा है। समय के साथ अंजुमन ने अपने काम को बढ़ते हुए बेरोजगारों को रोजगार भी मुहैया करा रहा है। कई लोगों को अंजुमन ने ठेले वितरित किए है और छोटी-छोटी दुकानों में किराना सामान भरकर रोजगार मुहैया कराया है। तालीम के मैदान में भी अंजुमन पीछे नहीं है। सालों से रानीपुरा में मिडिल स्कूल का संचालन ती कर ही रहा है। अब शिक्षित छाई और छात्राओं के लिए प्रोफेशनल कोर्स का भी संचालन किया जा रहा है। पिछले तीन सालों में कई वोकेशनल कोर्स संचालित कर युवाओं को नौकरी तक पहुंचाया है। अंजुमन के इस ट्रेनिंग सेंटर में लड़कियों को सबसे ज्यादा फायदा मिला है। यहां फैशन डिजाइनिंग का कोर्स पूरा कर कई बच्चियों ने खुद के बुटिक खोले है और अपने व्यापार को नई दिशा दी है।
अंजुमन इस्लाम बैतुलमाल एक ऐसी सामाजिक और सेवा भाव से प्रेरित संस्था है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता करना है। यह संस्था वर्षों से समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहयोग और मानवीय सहायता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना ही नहीं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे, सहयोग और मानवीय मूल्यों को मजबूत करना भी है।